
वडोदरा में बीसीए स्टेडियम के मैदान पर डब्ल्यूपीएल 2026 का एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिला, जहां दिल्ली कैपिटल्स ने मुंबई इंडियंस को 7 विकेट से हरा दिया। लेकिन जीत की खुशी में दिल्ली को झटका तब लगा जब उनकी विस्फोटक सलामी बल्लेबाज लिजेली ली पर कोड ऑफ कंडक्ट उल्लंघन के लिए मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना ठोंका गया। साथ ही उनके नाम एक डिमेरिट पॉइंट भी जुड़ गया।
ली ने 28 गेंदों पर 7 चौकों और 1 छक्के की सहायता से 46 रन ठोके थे। वह अर्धशतक से महज 4 रन दूर थीं। 11वें ओवर में थर्ड अंपायर के रिव्यू के बाद उन्हें स्टंप आउट घोषित कर दिया गया। रीप्ले में साफ दिखा कि विकेटकीपर राहिरा फिरदौस ने बेल्स गिराते समय ली का बल्ला क्रीज से ऊपर उठा हुआ था। इस फैसले से ली बेहद निराश नजर आईं।
लगभग पांच मिनट के डीआरएस रिव्यू के बाद जब आउट का फैसला पुष्ट हुआ, तो ली ने ऑन-फील्ड अंपायर वृंदा राठी से तीखी बहस की, जिसके चलते आर्टिकल 2.2 के तहत लेवल 1 अपराध दर्ज हुआ। डब्ल्यूपीएल की प्रेस रिलीज में कहा गया कि ली ने इसे स्वीकार कर लिया है और मैच रेफरी का निर्णय अंतिम है।
मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 154 रन बनाए थे, जिन्हें दिल्ली ने 19 ओवरों में हासिल कर लिया। साउथ अफ्रीकी ली को नीलामी में 30 लाख की बेस प्राइस पर खरीदा गया था। इस सीजन 5 मैचों में उन्होंने 42.60 की औसत से 213 रन बनाए हैं, जिसमें 30 चौके और 7 छक्के शामिल हैं। वह रन स्कोररों में तीसरे स्थान पर हैं। यह घटना क्रिकेट के जुनून और अनुशासन के बीच संतुलन की याद दिलाती है।