
तेहरान। ईरान की महिला फुटबॉल टीम की प्रमुख खिलाड़ी मोहद्देसेह जोल्फी ने ऑस्ट्रेलिया में शरण लेने का प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया है। अब वह अपने देश लौटने की इच्छा जाहिर कर चुकी हैं। यह फैसला उनके पिछले विरोध प्रदर्शन के बाद आया है, जब टीम ने एएफसी एशियन कप में राष्ट्रगान गाने से इनकार किया था।
महिला टीम ने साउथ कोरिया के खिलाफ मैच से पहले इस्लामिक शासन का राष्ट्रगान गाने से साफ मना कर दिया। खिलाड़ी चुपचाप खड़ी रहीं, जो ईरान की आंतरिक अशांति और सैन्य तनाव को दर्शाता था। इससे देश में आलोचना की बौछार हुई और खिलाड़ियों को सजा देने की मांग उठी।
ऑस्ट्रेलिया ने दो खिलाड़ियों को मानवीय आधार पर वीजा दिया, जिसमें नौकरी और पढ़ाई की सुविधा थी। लेकिन जोल्फी ने टीम साथियों से सलाह के बाद अपना आवेदन वापस ले लिया। गृह मंत्री टोनी बर्क ने कहा, ‘उन्होंने ईरानी दूतावास से संपर्क किया। हम उनके फैसले का सम्मान करते हैं।’
यह कदम ईरानी महिलाओं के खेल जगत में एक नया मोड़ ला सकता है। जोल्फी का वतन वापसी का फैसला देशभक्ति और जोखिम के बीच संतुलन दिखाता है। क्या यह विवाद सुलझेगा या और भड़केगा, देखना दिलचस्प होगा।