
हरारे में शुक्रवार को खेले गए अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 100 रन से पटखनी देकर रिकॉर्ड छठा खिताब जीता। कप्तान आयुष म्हात्रे के नेतृत्व में भारतीय जूनियर्स ने शानदार प्रदर्शन किया और अब वे उन चुनिंदा कप्तानों की सूची में शामिल हो गए, जिन्होंने भारत को यह ट्रॉफी दिलाई।
यह सफर 2000 में मोहम्मद कैफ से शुरू हुआ, जब उन्होंने पहली बार भारत को चैंपियन बनाया। 2008 में विराट कोहली ने कमाल दिखाया, 2012 में उन्मुक्त चंद ने ऑस्ट्रेलिया में ट्रॉफी उछाली। 2018 में पृथ्वी शॉ और 2022 में यश ढुल ने यह सिलसिला जारी रखा। अब 2026 में आयुष म्हात्रे ने इतिहास रचा।
मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने वैभव सूर्यवंशी की 175 रनों की तूफानी पारी से 9 विकेट पर 411 रन ठोके। इंग्लैंड 40.2 ओवर में 311 पर ढेर हो गया। कुल 722 रन इस टूर्नामेंट का अब तक का सबसे ज्यादा स्कोर है, जो 2014 के 634 और 2004 के 631 रनों को पीछे छोड़ गया।
100 रनों की यह जीत फाइनल में सबसे बड़ी मार्जिन है। पहले ऑस्ट्रेलिया के पास 2024 में 79 रनों का रिकॉर्ड था। मैच में 31 छक्के लगे, जो यूथ वनडे का नया रिकॉर्ड है—भारत के 19 और इंग्लैंड के 12। ऑस्ट्रेलिया के 4 खिताबों के बाद पाकिस्तान (2), इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और बांग्लादेश एक-एक बार चैंपियन बने।
भारत का यह दबदबा युवा क्रिकेट में बरकरार है। ये कप्तान भविष्य के सितारे साबित हो सकते हैं, ठीक वैसे ही जैसे कोहली और शॉ बने। यह जीत देश को गर्व से भर देती है।