
लंदन के ओवीओ एरिना वेम्बली में आईटीटीएफ वर्ल्ड टीम टेबल टेनिस चैंपियनशिप का भारत का सफर राउंड ऑफ 32 में ही समाप्त हो गया। पुरुष और महिला दोनों टीमों को निराशा हाथ लगी। पुरुष टीम ऑस्ट्रिया से 0-3 से हारी, जबकि महिला टीम अमेरिका से 1-3 से शिकस्त खाई। ग्रुप स्टेज के शानदार प्रदर्शन के बाद यह जल्दी विदाई चौंकाने वाली रही।
पुरुष मुकाबले में वर्ल्ड नंबर 51 मानुष शाह ने ओलंपियन रॉबर्ट गार्डोस के खिलाफ कड़ा संघर्ष किया। वे 2-3 (6-11, 11-7, 11-3, 8-11, 13-11) से हारे, जो निर्णायक सिद्ध हुआ। इसके बाद मानव ठक्कर डेनियल हैबेसोहन से 0-3 (11-7, 11-5, 11-6) और साथियान ज्ञानशेखरन एंड्रियास लेवेंको से 0-3 (11-5, 11-8, 11-9) हार गए।
ग्रुप स्टेज में पुरुषों ने ट्यूनीशिया, ग्वाटेमाला पर 3-0 की जीत और स्लोवाकिया के खिलाफ शानदार वापसी की थी। महिला टीम ने भी यूक्रेन, युगांडा व रवांडा को हराकर ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया था।
महिलाओं के पहले मैच में यशस्विनी घोरपड़े सैली मोयलैंड से 0-3 (11-8, 11-8, 11-7) हारीं। मनिका बत्रा ने जेसिका रेयेस लाई को 3-1 (11-2, 11-7, 8-11, 11-4) से हराया। लेकिन दीया चितले लिली झांग से 0-3 (11-8, 11-7, 13-11) हार गईं। बत्रा का दूसरा मैच मोयलैंड से 1-3 (10-12, 11-9, 11-3, 13-11) में हारना भारत की विदाई का कारण बना।
64 टीमों को 16 ग्रुपों में बांटा गया था। टॉप-2 स्टेज-2 में पहुंचीं, लेकिन भारत के लिए नॉकआउट कठिन साबित हुआ। चैंपियनशिप 10 मई को समाप्त होगी। भारतीय टेबल टेनिस को इससे सबक लेना होगा।
