
श्रीलंका में भारत-पाकिस्तान के बीच टी20 वर्ल्ड कप का रोमांचक मुकाबला चल रहा है। मैच के दौरान कप्तानों के हाथ न मिलाने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई। लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि 140 करोड़ देशवासियों का साथ हो तो हारना असंभव है। पाकिस्तान हर मोर्चे पर भारत से पीछे है, चाहे रक्षा हो या अर्थव्यवस्था। अब उनके अपने नागरिक भी विद्रोह पर उतर आए हैं। उन्होंने पाकिस्तानी सरकारों से देशहित की सोच अपनाने की नसीहत दी।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कटाक्ष किया कि हाथ नहीं मिलाएंगे लेकिन पूरा मैच खेलेंगे, ट्रॉफी छीन लेंगे। पहलगाम, लाल किला जैसे आतंकी हमलों के शिकारों पर ये खेल हो रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकवाद से कोई सौदा नहीं, फिर क्रिकेट क्यों? उन्होंने मैच बॉयकॉट की मांग दोहराई।
तेज प्रताप यादव ने महाशिवरात्रि पर भारत की जीत का भरोसा जताया। खिलाड़ी खेलें और भगवान पर विश्वास रखें। वहीं, महुआ माझी ने खेल भावना पर जोर दिया। दुश्मनी भूलकर सौहार्दपूर्ण माहौल बनाएं, अहिंसा का मार्ग अपनाएं।
यह मुकाबला सिर्फ क्रिकेट नहीं, देशभक्ति का प्रतीक है। नेताओं के बयान जनता को एकजुट कर रहे हैं।