
20 जनवरी 2018 को भारतीय नेत्रहीन पुरुष क्रिकेट टीम ने इतिहास रच दिया। यूएई में खेले गए फाइनल में पाकिस्तान को 8 विकेट से हराकर लगातार दूसरी बार विश्व कप पर कब्जा जमाया। यह जीत न केवल खेल का उत्सव थी, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक बनी।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने 308 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने शानदार संयम दिखाया। सलामी बल्लेबाजों ने मजबूत आधार दिया, बीच के ओवरों में रन रेट बढ़ाया। हर कोने का बेहतरीन उपयोग कर गेंदबाजों को कोई मौका नहीं मिला। अंत में 8 विकेट शेष रहते लक्ष्य हासिल।
कप्तान अजय कुमार रेड्डी हीरो बने, जिनकी रणनीति और बल्लेबाजी निर्णायक रही। गेंदबाजों व फील्डरों की एकजुटता पूरे टूर्नामेंट में नजर आई। 2014 की सफलता के बाद यह जीत भारत की बादशाहत पक्की करती है।
दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए यह प्रेरणा स्रोत है, जो चुनौतियों के बावजूद सपनों को उड़ान देते हैं। सरकारी सहायता बढ़ाने की मांग तेज हो गई है।