
दुबई ग्रैंड प्रिक्स-फज्जा इंटरनेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत ने धाकड़ प्रदर्शन कर मेडल तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। 16 स्वर्ण, 13 रजत और 14 कांस्य सहित कुल 43 पदकों के साथ भारतीय पैरा एथलीटों ने विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रैंड प्री के पहले सत्र की शानदार शुरुआत की। दुबई क्लब फॉर पीपल ऑफ डिटरमिनेशन में आयोजित इस मुकाबले ने भारत की ताकत को दुनिया के सामने रख दिया।
कोलंबिया ने 11 स्वर्ण सहित 20 पदक जीते, वहीं केन्या के 6 स्वर्ण 20 पदकों में शामिल रहे। मेजबान यूएई 6 स्वर्ण के साथ 31 पदकों पर चौथे स्थान पर रहा। यह उपलब्धि भारत के लिए सीजन की मजबूत नींव साबित हुई।
दोहरे पैरालंपिक चैंपियन सुमित अंतिल ने पुरुष भाला फेंक एफ64 में स्वर्ण जीतकर लीड किया। पेरिस 2024 स्वर्ण पदक विजेता नवदीप (भाला एफ41) और धर्मबीर नैन (क्लब थ्रो एफ51) ने भी सुनहरी शुरुआत की।
प्रीति पाल ने महिलाओं की 100 मीटर टी35 में स्वर्ण और 200 मीटर टी35 में कांस्य दिलाया। पेरिस के दो कांस्य के बाद उनका यह प्रदर्शन लाजवाब रहा। उन्होंने कहा, ‘पर्सनल बेस्ट तोड़ना और भारत के लिए अधिकतम स्वर्ण जीतना मेरा लक्ष्य है। अभी तो बस शुरुआत हुई है।’
भाग्यश्री एम. जाधव ने शॉट पुट एफ34 और भाला एफ34 में भावुक दोहरी जीत हासिल की। टोक्यो-2020 और पेरिस-2024 पैरालंपिक खेल चुकीं जाधव बोलीं, ‘8-10 साल से खेल रही हूं, लेकिन दुबई का यह प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ। दो स्वर्ण मेरी प्रेरणा बनेंगे, अगले साल वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण का सपना।’
अन्य स्वर्ण पदक रिंकू हुड्डा (भाला एफ46), वरूण सिंह भाटी (हाई जंप टी42), दिलीप महादू गावित (400 मीटर टी46) और साहिल सलीम सैय्यद (डिस्कस एफ54/55) ने जीते। रजत सुनील कुमार, प्रणव सूरमा, गुरुभास्करसे सक्कप्पन के नाम, कांस्य रंजीत चंदा, पूनम राम आदि को मिले।
जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, नई दिल्ली में अगला डब्ल्यूपीए ग्रैंड प्री आयोजित होगा। फज्जा चैंपियनशिप में शीर्ष रहना भारत को आगामी वैश्विक मुकाबलों के लिए मजबूत संदेश देता है।