
नई दिल्ली में आयोजित 2010 राष्ट्रमंडल खेलों में निशानेबाजी एक ऐसा मुकाम बना जहां भारतीय निशानेबाजों ने कमाल कर दिखाया। कुल 74 पदकों के साथ भारत ने पहला स्थान हासिल किया, जिसमें 35 स्वर्ण, 25 रजत और 14 कांस्य शामिल थे।
इंग्लैंड 4 स्वर्ण सहित 31 पदकों के साथ दूसरे, वेल्स 4 स्वर्ण और 13 पदकों से तीसरे तथा ऑस्ट्रेलिया 3 स्वर्ण और 19 पदकों से चौथे स्थान पर रही।
गगन नारंग ने 596 अंकों का नया रिकॉर्ड गढ़ा, हालांकि टाईब्रेकर में ऑस्ट्रेलियाई से हार गए। गुरप्रीत सिंह, समरेश जंग, विजय कुमार, श्वेता चौधरी, अनुराज सिंह, पुष्पांजलि राणा जैसे निशानेबाजों ने चमक दिखाई।
यह सफलता भारत की निशानेबाजी की विरासत का हिस्सा है। ओलंपिक में 7 पदक, जिसमें राज्यवर्धन सिंह राठौर का 2004 एथेंस रजत, अभिनव बिंद्रा का 2008 बीजिंग स्वर्ण और मनु भाकर के 2024 पेरिस के दो कांस्य शामिल हैं। राष्ट्रमंडल में 135 पदक इस खेल को सबसे सफल बनाते हैं।
आज मनु भाकर व स्वप्निल कुसाले जैसे युवा ओलंपिक में सफल हो रहे हैं, जो भारतीय निशानेबाजी की मजबूती दर्शाता है। भविष्य उज्ज्वल है।