
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत-नीदरलैंड मैच से ठीक पहले एक प्रेरणादायक क्षण देखने को मिला। पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री ने यूनिसेफ इंडिया की चीफ ऑफ फील्ड सर्विसेज सोलेदाद हेरेरो के साथ दो युवा सितारों के साथ ट्रॉफी वॉक किया। आईसीसी और यूनिसेफ की इस संयुक्त पहल का उद्देश्य खेल के जरिए बच्चों के अधिकारों पर जागरूकता फैलाना और समावेशी विकास को बढ़ावा देना था।
पंद्रह वर्षीय रंगी नियति मोहनलाल, जिन्होंने राज्य स्तर पर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कई उपलब्धियां हासिल की हैं, और चौदह वर्षीय रे अंकित उमाशंकरभाई, एक उभरते क्रिकेटर, ने ट्रॉफी को स्टेडियम में घुमाया। इन बच्चों की मौजूदगी ने खेल के माध्यम से समान अवसरों का संदेश दिया।
मीडिया से बातचीत में सोलेदाद हेरेरो ने कहा, ‘क्रिकेट समानता और समावेशन का प्रतीक है। हर बच्चे को निष्पक्ष मौका मिलना चाहिए। 2026 टी20 वर्ल्ड कप के लिए आईसीसी के साथ हमारी साझेदारी बच्चों के खेलने के अधिकार को मजबूत करेगी।’
उन्होंने खेल के फायदों पर प्रकाश डाला, ‘खेल से बच्चे आलोचनात्मक सोच, समस्या समाधान, टीमवर्क, आत्मविश्वास और भावनात्मक मजबूती हासिल करते हैं। सुरक्षित जगहें उन्हें बिना डर के प्रयोग करने की आजादी देती हैं।’ आईसीसी-यूनिसेफ ने समुदायों से अपील की कि स्कूलों व मोहल्लों में सुरक्षित खेल स्थल बनाएं।
2015 से ‘क्रिकेट फॉर गुड’ के तहत ये संगठन स्वच्छता, शिक्षा, सशक्तिकरण और खेल अधिकारों पर काम कर रहे हैं। यह ट्रॉफी वॉक न केवल मैच की शुरुआत थी, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव भी।