
एमिरेट्स स्टेडियम में चले रोमांचक सेमीफाइनल में आर्सेनल ने चेल्सी पर 4-2 से कुल स्कोर बनाकर काराबाओ कप के फाइनल में प्रवेश किया। आठ साल बाद गनर्स इस मुकाम पर पहुंचे हैं, जहां सब्स्टीट्यूट काई हैवर्ट्ज ने अंतिम पलों में शानदार गोल ठोककर इतिहास रच दिया।
पहले लेग में विक्टर ग्योकेरेस, बेन व्हाइट और मार्टिन जुबीमेंदी के गोलों से 3-2 की बढ़त हासिल करने के बाद आर्सेनल ने आत्मविश्वास से भरे होकर मैदान संभाला। उन्होंने गेंद पर कब्जा जमाए रखा और चेल्सी को दबाव में रखा।
चेल्सी के कोच लियाम रोसेनियर ने पांच डिफेंडरों की मजबूत दीवार खड़ी की, जिससे पहले घंटे में कोई साफ मौका न मिला। एस्तेवाओ और कोल पामर को मैदान में उतारकर हमला तेज करने की कोशिश हुई, लेकिन आर्सेनल की रक्षा अटल रही।
मैच के अंतिम चरण में चेल्सी आगे खिसकने लगी। इसी बीच आर्सेनल को काउंटर अटैक का सुनहरा अवसर मिला। चोट से लौटे हैवर्ट्ज ने गोलकीपर रॉबर्ट सांचेज को चकमा देकर गेंद गोलपोस्ट में उतार दी। स्टेडियम में खुशी की लहर दौड़ गई।
अब आर्सेनल का मुकाबला मैनचेस्टर सिटी या न्यूकैसल से होगा। प्रीमियर लीग में अगला मैच घर पर सदरलैंड के खिलाफ, फिर 12 फरवरी को ब्रेंटफोर्ड से भिड़ंत। यह जीत आर्सेनल को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।