
कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टी20 में 19 रनों से मिली हार के बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने बैटिंग इकाई की अहम मौकों पर नाकामी को स्वीकार किया। 164 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत 126 पर चौथा विकेट गंवा चुका था और हरमनप्रीत के आउट होते ही बिखराव शुरू हो गया। टीम 133 तक नौ विकेट खो चुकी थी और अंत में 144/9 पर सिमट गई।
हरमनप्रीत ने कहा, ‘रन चेज के दौरान हम तेजी लाना चाहते थे, लेकिन वहां लड़खड़ाए। हमें ज्यादा जिम्मेदारी निभानी चाहिए थी। स्मृति के साथ साझेदारी महत्वपूर्ण थी, उनका विकेट टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।’
ओपनर्स ने पावरप्ले में मजबूत आधार दिया, फिर हरमनप्रीत-ऋचा घोष की 55 रनों की साझेदारी ने मुकाबले को रोचक बनाए रखा। लेकिन ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों ने डेथ ओवर्स में शानदार रणनीति अपनाई, पेस में बदलाव और सटीक लाइन से भारत को रोक दिया।
हालांकि, हरमनप्रीत ने गेंदबाजी प्रयास और चेज में बनी साझेदारियों को सकारात्मक बताया। ‘उनकी शानदार शुरुआत को अच्छे स्कोर पर रोकना हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि। बल्लेबाजी में भी अच्छी पार्टनरशिप बनीं। अब जरूरत है गेम को गहराई तक ले जाने और किसी एक बल्लेबाज के फिनिश करने की।’ सीरीज 1-1 से बराबर, निर्णायक मुकाबले में भारत बेहतर योजना के साथ उतरेगा।