
वडोदरा के बीसीए स्टेडियम में मंगलवार को खेले गए नॉकआउट मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने गुजरात जायंट्स को सात विकेट से हराकर विमेंस प्रीमियर लीग के फाइनल में चौथी बार जगह बना ली। 169 रनों का लक्ष्य मात्र 15.4 ओवर में हासिल करते हुए उन्होंने डब्ल्यूपीएल प्लेऑफ का सबसे बड़ा चेज रचा।
पिछले तीन सीजन में फाइनल तक पहुंचने वाली दिल्ली टीम खिताब नहीं जीत सकी। खास बात यह है कि हर बार एलिमिनेटर जीतने वाली टीम ने ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। ऐसे में कैपिटल्स के पास सुनहरा मौका है।
पहले बल्लेबाजी करते हुए गुजरात ने सात विकेट पर 168 रन बनाए। बेथ मूनी ने 51 गेंदों पर छह चौकों की मदद से नाबाद 62 रन ठोके। जॉर्जिया वेयरहैम ने 35 रन जोड़े। दिल्ली की चिनले हेनरी ने तीन, नंदिनी शर्मा ने दो और मिन्नु मणि ने एक विकेट लिया।
जवाब में लिजेल ली ने 24 गेंदों पर नौ बाउंड्री के साथ 43, कप्तान जेमिमा रोड्रिग्ज ने 41, शेफाली वर्मा ने 31 और लॉरा वोल्वार्ड्ट ने नाबाद 32 रन बनाए। पहली बार डब्ल्यूपीएल में टॉप-4 बल्लेबाजों ने एक पारी में 30 से अधिक रन बनाए।
गुजरात की ओर से वेयरहैम ने दो और राजेश्वरी गायकवाड़ ने एक विकेट चटकाया। 2023, 2024 और 2025 में फाइनल हारने वाली दिल्ली अब खिताबी प्यास बुझाने को बेताब है। यह जीत उनकी ताकत का प्रतीक है।