
ढाका। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों की छाया मंडरा रही है। बोर्ड के निदेशक मोखलेसुर रहमान के खिलाफ इंटीग्रिटी यूनिट ने जांच शुरू कर दी है। आरोप बांग्लादेश प्रीमियर लीग (बीपीएल) के पिछले सीजन से जुड़े हैं।
पूर्व आईसीसी इंटीग्रिटी प्रमुख एलेक्स मार्शल के नेतृत्व वाली इस यूनिट के पास बोर्ड द्वारा गठित स्वतंत्र समिति की 900 पेज की रिपोर्ट मौजूद है। रहमान 6 अक्टूबर को हुए चुनावों के बाद निदेशक बने थे, लेकिन आरोपों के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
यह इस महीने बीसीबी के दूसरे निदेशक हैं जो मुश्किल में फंसे हैं। 15 दिसंबर को खिलाड़ियों ने एम नजमुल इस्लाम के सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए विवादित बयानों के खिलाफ बीपीएल मैचों का बहिष्कार किया था।
जांच का समय भी संवेदनशील है। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा के बाद मुस्तफिजुर रहमान के आईपीएल में शामिल होने का भारत में विरोध हुआ। बीसीसीआई के निर्देश पर केकेआर ने उन्हें 2026 स्क्वॉड से रिलीज कर दिया। जवाब में बीसीबी ने टी20 विश्व कप 2026 के लिए टीम भारत न भेजने का ऐलान किया। आईसीसी से श्रीलंका में मैच या आयरलैंड के साथ ग्रुप बदलने की मांग की, जो खारिज हो गई। सरकार की सलाह पर बीसीबी अड़ा हुआ है। अब स्कॉटलैंड को जगह मिल सकती है।
यह जांच बीसीबी की विश्वसनीयता की परीक्षा है। पारदर्शिता बहाल हो तो क्रिकेट का भविष्य उज्ज्वल, वरना संकट गहरा सकता है।