
नई दिल्ली। बांग्लादेश की सरकार ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देकर टी20 विश्व कप 2026 से अपनी टीम को बाहर कर दिया है। गुरुवार को लिए गए इस फैसले ने बांग्लादेशी खिलाड़ियों में भारी असंतोष पैदा कर दिया है। आईसीसी जल्द ही स्कॉटलैंड को प्रतिभागी के रूप में घोषित कर सकता है।
खिलाड़ियों का कहना है कि सरकार ने बिना उनसे सलाह लिए यह निर्णय थोप दिया। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) द्वारा बुलाई गई बैठक महज औपचारिकता साबित हुई, जहां खिलाड़ियों को फैसला सुनाया गया, न कि चर्चा का मौका दिया गया।
एक अनाम क्रिकेटर ने बताया, ‘हमें बताया गया कि भारत जाने का सवाल ही पैदा नहीं होता। फैसला ऊपर से तय था, हमारी राय की कोई जरूरत नहीं। पहले खिलाड़ियों की बात सुनी जाती थी, अब आदेश की संस्कृति चल रही है।’ सरकार का सीधा हस्तक्षेप इस मामले में साफ दिखा।
कप्तान लिटन दास और टेस्ट कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने बैठक में टीम की तैयारी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में टी20 इकाई को मजबूत बनाने के लिए कड़ी मेहनत की गई है और अच्छे नतीजे मिले हैं। फिर भी, सुरक्षा और राज्य नीति के नाम पर फैसला पलटा नहीं।
एक अन्य खिलाड़ी बोले, ‘हम नहीं जाएंगे तो नुकसान हमारा क्रिकेट झेलेगा। इतनी मेहनत व्यर्थ चली गई।’ बैठक के बाद खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने आईसीसी पर आरोप लगाया कि उसने बांग्लादेश की सुरक्षा चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया। बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने खिलाड़ियों को सांत्वना दी, लेकिन ज्यादातर को पहले से ही नतीजा मालूम था।
यह घटना खेल और राजनीति के टकराव को उजागर करती है, जहां खिलाड़ियों की मेहनत दांव पर लग जाती है। बांग्लादेश क्रिकेट का भविष्य अब अनिश्चितता के घेरे में है।