
हरियाणा के झज्जर जिले के खुदान गांव में 26 फरवरी 1994 को जन्मे बजरंग पुनिया भारतीय कुश्ती के सबसे चमकते सितारे हैं। सात साल की उम्र से कुश्ती की शुरुआत करने वाले पुनिया को पिता का पूरा सहयोग मिला। 2008 में वे दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम पहुंचे और 2013 से अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारत का मान बढ़ाने लगे। 65 किलो फ्रीस्टाइल वर्ग में उनकी महारत कमाल की रही।
विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में चार पदक जीतने वाले इकलौते भारतीय पहलवान बजरंग का रिकॉर्ड लाजवाब है। टोक्यो ओलंपिक में कांस्य, विश्व चैंपियनशिप में रजत-कांस्य, एशियन गेम्स में स्वर्ण-रजत, एशियन चैंपियनशिप में कई पदक और कॉमनवेल्थ गेम्स में 2018-2022 में स्वर्ण सहित कई उपलब्धियां। सरकार ने अर्जुन पुरस्कार (2015), पद्मश्री और खेल रत्न (2019) से नवाजा।
32 वर्षीय बजरंग पर अब डोपिंग का ग्रहण लगा है। नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी ने सैंपल देने से इंकार पर 23 अप्रैल 2024 से 22 अप्रैल 2028 तक चार साल का प्रतिबंध लगाया। रिटायरमेंट की घोषणा न करने वाले पुनिया की वापसी मुश्किल लग रही है। भारतीय कुश्ती इस झटके से हिल गई है।