
चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए सुपर 8 मुकाबले में भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 4 विकेट पर 256 रन ठोके। इस पारी की जान सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा बने, जिन्होंने महज 30 गेंदों पर 4 छक्कों और 4 चौकों की मदद से 55 रन जड़े। 25 साल के इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने लंबे समय से चले आ रहे खराब फॉर्म का अंत कर दिया।
मैच के दौरान ब्रॉडकास्टर्स से बातचीत में अभिषेक ने खुशी जाहिर की। ‘इस पल का मैं काफी समय से इंतजार कर रहा था। आखिरकार यह हो गया। मैं वाकई बहुत खुश हूं।’ लीग स्टेज में तीन बार शून्य पर आउट होने और नामीबिया मैच से पेट की बीमारी के कारण बाहर रहने के बाद यह पारी उनके लिए राहत भरी साबित हुई। दिल्ली के अस्पताल में भर्ती होने की नौबत तक आ चुकी थी, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ 26 गेंदों में अर्धशतक ने सबको चौंका दिया।
टीम के समर्थन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं बस पिच पर समय बिताना चाहता था। टीम ने प्रैक्टिस और होटल में हमेशा मेरा हौसला बढ़ाया। वे कहते रहे कि तू पहले भी कर चुका है, बस भरोसा रख। ऐसा कभी नहीं लगा कि मैं रन नहीं बना रहा।’
पारी के आखिरी ओवरों को ‘वीडियो गेम जैसा’ बताए जाने पर अभिषेक बोले, ‘बिल्कुल सही। वही इरादा लौट आया जो पूरे साल दिखा। कल की प्लानिंग और प्रैक्टिस में तय हुआ था कि गेंदें देख लीं तो खुलकर खेलो। बल्लेबाजी यूनिट के तौर पर हम एक-दूसरे का साथ देते रहेंगे।’
यह पारी न सिर्फ अभिषेक के करियर का टर्निंग पॉइंट है, बल्कि भारत की सेमीफाइनल दौड़ को मजबूती भी देगी।