
नई दिल्ली। भारत के पूर्व गेंदबाजी कोच पारस म्हाम्ब्रे ने अभिषेक शर्मा की तारीफों के पुल बांधे हैं। उनका कहना है कि युवा सलामी बल्लेबाज अब पूरी तरह परिपक्व हो चुके हैं और उनके खेल में कोई असमंजस नहीं है। 2026 टी20 विश्व कप से पहले टीम में उनकी जगह बनना तय था।
जुलाई 2024 में डेब्यू के बाद 37 टी20आई में 1297 रन, 195 की स्ट्राइक रेट, 10 अर्धशतक और 88 छक्के – ये आंकड़े अभिषेक की धमाकेदार फॉर्म बयां करते हैं। शीर्ष देशों के बल्लेबाजों में वे सबसे आगे हैं।
2018 अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम से जुड़ाव के दौरान ही म्हाम्ब्रे को उनकी प्रतिभा का अहसास हो गया था। ’17 साल के अभिषेक में तकनीक और समय था। राहुल द्रविड़ भी उनकी सफलता से हैरान नहीं हैं,’ उन्होंने कहा।
अभिषेक की खासियत है तेज गेंदबाजों पर पहली गेंद से हमला। कवर और पॉइंट से बाउंड्री मारकर आत्मविश्वास दिखाते हैं। स्पिनरों के खिलाफ तो हर ओवर में छक्का आम है। क्रीज का समझदार उपयोग और कोण बनाना उनकी ताकत है।
अब अभिषेक के जोड़ीदार चुनना मुश्किल – ईशान किशन या संजू सैमसन? दोनों आक्रामक हैं। ‘पावरप्ले में 10-13 रन प्रति ओवर का दबाव गेंदबाजों को तोड़ देता है,’ म्हाम्ब्रे ने बताया।
यह स्थिति भारत के लिए वरदान है, विरोधियों के लिए खतरा। अभिषेक की मौजूदगी से टी20 में भारत की ताकत बढ़ गई है।