
भारत की प्रमुख फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो की मूल कंपनी इटरनल कंज्यूमर ब्रांड्स को जीएसटी विभाग से 3.7 करोड़ रुपये का डिमांड नोटिस मिला है। यह नोटिस क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट के संचालन से जुड़े कर विवादों को उजागर करता है।
टैक्स अथॉरिटीज ने इटरनल के लेन-देन पर जीएसटी की गणना में कथित कमियों का हवाला देते हुए यह नोटिस जारी किया। जोमैटो ने ब्लिंकिट को खरीदकर 10 मिनट डिलीवरी के क्षेत्र में मजबूत कदम बढ़ाया था, लेकिन अब टैक्स चेक आने से चुनौतियां बढ़ गई हैं।
कंपनी ने नोटिस की पुष्टि करते हुए कहा कि विशेषज्ञों से सलाह लेकर इसका जवाब दिया जाएगा। ‘हम सभी कर नियमों का पूरी तरह पालन करते हैं और उचित कदम उठाएंगे।’ उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि ई-कॉमर्स कंपनियों पर जीएसटी निरीक्षण तेज हो गया है।
ब्लिंकिट की तेज वृद्धि ने जोमैटो को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, लेकिन इनोवेटिव मॉडल के कारण टैक्स क्लासिफिकेशन मुश्किलें पैदा कर रहा है। शेयर बाजार में जोमैटो के स्टॉक में हल्की गिरावट दर्ज की गई।
यह मामला डिजिटल इकोनॉमी में बदलते कर नियमों को दर्शाता है। इटरनल का जवाब और आगे की कार्यवाही पूरे सेक्टर पर असर डालेगी। क्विक कॉमर्स की होड़ में कंपनियों को अनुपालन पर विशेष ध्यान देना होगा।