
मध्य प्रदेश के उज्जैनにある पवित्र महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार सुबह एक खास नजारा देखने को मिला। भारतीय क्रिकेट के सितारे विराट कोहली और कुलदीप यादव भगवान महाकाल के चरणों में नतमस्तक हुए। दोनों ने सुबह के समय विशेष भस्म आरती में भाग लिया, जो इस मंदिर की सबसे प्रमुख परंपरा है।
सादे सफेद वस्त्रों में सजे कोहली और यादव मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर आरती के साक्षी बने। मंदिर प्रशासन ने पुष्टि की कि खिलाड़ियों ने पूरे विधि-विधान से पूजन-अर्चना की। भस्म आरती में महाशिवरात्रि की तर्ज पर भस्म चढ़ाई जाती है, जिसमें चुनिंदा भक्त ही शामिल हो सकते हैं।
यह यात्रा दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। विराट कोहली आगामी मैचों के लिए फॉर्म हासिल करने को बेताब हैं, वहीं कुलदीप यादव वनडे में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। प्रशंसक मानते हैं कि महाकाल की कृपा से दोनों को नई ऊर्जा मिलेगी।
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की भस्म आरती विश्वविख्यात है। यह तंत्र-मंत्र की साधना से जुड़ी है, जहां भक्त जीवन-मृत्यु के चक्र को समझते हैं। कोहली-यादव की मौजूदगी से माहौल भक्तिमय हो गया। ‘बम बम भोले’ के नारे गूंजे।
सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल हो रही हैं। #MahakalDarshan ट्रेंड कर रहा है। क्रिकेट और आस्था का यह संगम प्रशंसकों को रोमांचित कर रहा। टीम इंडिया के भविष्य के लिए यह शुभ संकेत माना जा रहा।
मंदिर परिसर में घूमते हुए दोनों ने दर्शन किए, पुजारी से बात की। स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिला। जैसा कि विराट अक्सर कहते हैं, आस्था ही असली ताकत है। महाकाल की जयकारों के बीच दोनों लौटे, नई प्रेरणा लेकर।