
पेशाब का रंग, गंध या मात्रा में कोई भी परिवर्तन किडनी की खराबी का पहला संकेत हो सकता है। किडनी हमारा रक्त शुद्ध करती है और अपशिष्ट को पेशाब के रूप में बाहर निकालती है। जब यह कमजोर पड़ने लगती है, तो पेशाब ही खतरे की घंटी बजाता है।
गहरा पीला या कोला कलर का पेशाब डिहाइड्रेशन या खून की मौजूदगी दर्शाता है। झागदार पेशाब प्रोटीन रिसाव का सबूत है, जो क्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) की ओर इशारा करता है। डॉक्टर बताते हैं कि डायबिटीज, हाई बीपी और गलत खान-पान मुख्य वजहें हैं।
लक्षण बढ़ने पर पैरों में सूजन, थकान और उल्टी जैसी परेशानियां होती हैं। लाखों लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं। बचाव आसान—खूब पानी पिएं, नमक कम करें, नियमित जांच कराएं। सुबह का पहला पेशाब हल्का पीला होना चाहिए। कोई बदलाव दिखे तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। जल्दी पता चले तो किडनी बच सकती है।