
केंद्र सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह 13 से 15 जनवरी तक इजरायल की आधिकारिक यात्रा पर जाने वाले हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य मत्स्य पालन और जलीय कृषि क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करना है।
भारत सरकार की ब्लू रेवोल्यूशन 2.0 पहल के तहत मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के प्रयासों में यह यात्रा महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इजरायल अपनी जल प्रबंधन, सटीक कृषि और आधुनिक मछली पालन तकनीकों के लिए विश्वविख्यात है।
तीन दिवसीय यात्रा के दौरान मंत्री सिंह इजरायल के कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठकें करेंगे। चर्चा का केंद्र तकनीकी हस्तांतरण, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं और भारतीय मछुआरों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम रहेंगे।
परिक्रमा जल पुनर्चक्रण प्रणाली (आरएएस), खारे पानी के लिए डिसेलिनेशन तकनीक तथा रोग प्रतिरोधी मछली प्रजातियों जैसे क्षेत्रों में इजरायली विशेषज्ञता का लाभ उठाया जाएगा। इससे भारत का मत्स्य क्षेत्र, जो करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार है, नई ऊंचाइयों को छू सकेगा।
मंत्री इजरायल के उन्नत मछली फार्मों और अनुसंधान केंद्रों का दौरा भी करेंगे। यह प्रत्यक्ष अनुभव भारत में समान मॉडलों को लागू करने में सहायक होगा।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लक्ष्यों को प्राप्त करने में यह साझेदारी मील का पत्थर सिद्ध होगी। जलवायु परिवर्तन के चुनौतियों के बीच खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां अनिवार्य हैं।