
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर डेनमार्क को कड़ा संदेश दिया है। ट्रूथ सोशल पर पोस्ट में उन्होंने कहा कि नाटो पिछले 20 साल से डेनमार्क से ग्रीनलैंड से रूसी खतरे को हटाने की मांग कर रहा है, लेकिन डेनमार्क ने कोई कदम नहीं उठाया। ‘अब समय आ गया है और यह जरूर होगा!’ ट्रंप ने चेताया।
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका की ग्रीनलैंड पर दावेदारी तेज हो गई है। आठ यूरोपीय देशों पर 1 फरवरी से 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया गया है, जो जून तक 25 प्रतिशत हो सकता है, जब तक ग्रीनलैंड की पूरी खरीद पर समझौता न हो। प्रभावित देशों ने डेनमार्क के साथ एकजुटता दिखाई है।
ट्रंप का तर्क है कि अगर अमेरिका ग्रीनलैंड नहीं लेगा तो चीन या रूस ले लेगा, जो अमेरिकी सुरक्षा के लिए खतरा होगा। यूरोपीय संघ 93 अरब यूरो के जवाबी टैरिफ पर विचार कर रहा है।
आर्कटिक क्षेत्र में रूस की बढ़ती सक्रियता के बीच यह विवाद महत्वपूर्ण है। ट्रंप की आक्रामक नीति वैश्विक समीकरण बदल सकती है। क्या डेनमार्क झुकेगा या व्यापार युद्ध भड़केगा? स्थिति गंभीर बनी हुई है।