
स्विट्जरलैंड के बर्फीले पहाड़ों के बीच दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक शुरू हो चुकी है। भारत के प्रमुख उद्योगपति और नीति निर्माता यहां पहुंच गए हैं, जो वैश्विक चर्चाओं को नई दिशा देने को तैयार हैं।
रिलायंस के मुकेश अंबानी, अडानी ग्रुप के गौतम अडानी सहित कई बड़े नामों ने दावोस में कदम रखा है। उनके साथ वाणिज्य मंत्री, वित्त मंत्रालय के अधिकारी भी हैं, जो भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत को रंगमंच पर लाएंगे।
इस बार का विषय ‘पुनर्निर्माण विश्वास’ है, जिसमें महामारी के बाद की सुधार, जलवायु परिवर्तन और तकनीकी बदलाव पर बात होगी। भारत 7 प्रतिशत की विकास दर, डिजिटल पेमेंट्स और हरित ऊर्जा परियोजनाओं से चर्चा में रहेगा।
अंबानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर सत्रों में बोलेंगे, जबकि अडानी बंदरगाहों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस करेंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण निवेश सुधारों को बढ़ावा देंगी।
पिछले साल यहां सेमीकंडक्टर मिशन जैसे बड़े ऐलान हुए थे। इस बार नवीकरणीय ऊर्जा और टेक डील्स की उम्मीद है। पीएम मोदी का ‘विकसित भारत 2047’ विजन वैश्विक पटल पर चमकेगा।
130 देशों के 2500 से ज्यादा नेता जुटे हैं। महंगाई, सप्लाई चेन और युद्धों के बीच भारत की स्थिरता सबका ध्यान खींच रही है। G20 की मेजबानी से मिली पहचान यहां मजबूत होगी।
हम लाइव अपडेट्स लाते रहेंगे, जब भारत की विकास गाथा दुनिया को प्रेरित करेगी।