
इलेक्ट्रिक वाहन जगत की दिग्गज कंपनी टेस्ला को 2025 में भारी झटका लगा है। पूरे साल में कंपनी की बिक्री महज 225 गाड़ियों तक सिमट गई। यह आंकड़ा कंपनी के लिए खतरे की घंटी बजा रहा है।
एक समय जहां टेस्ला बाजार पर छाई हुई थी, वहीं अब ग्राहक तेजी से दूरी बना रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, चीन और यूरोप जैसे प्रमुख बाजारों में प्रतिस्पर्धा बढ़ने, उत्पादन में देरी और ऊंची कीमतों ने कंपनी को पीछे धकेल दिया है।
एलन मस्क की विवादास्पद बयानबाजी ने भी ब्रांड इमेज को नुकसान पहुंचाया। उपभोक्ता सर्वे बताते हैं कि ऑटोपायलट तकनीक पर भरोसा कम हो गया है। फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप्प होने और कर्मचारियों की छंटनी ने हालात और खराब कर दिए।
कंपनी अब रिकवरी के लिए आक्रामक छूट और नए मॉडल लॉन्च की योजना बना रही है। लेकिन क्या यह काफी होगा? निवेशक चिंतित हैं और शेयरों में गिरावट जारी है। भविष्य में टेस्ला को अपनी रणनीति बदलनी होगी वरना मुश्किलें बढ़ सकती हैं।