
तमिलनाडु में वर्ष 2025 डेंगू महामारी का चरम रहा है, जहां राज्य भर में अब तक के सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। चेन्नई और कोयंबटूर जैसे शहरों में भारी संख्या में संक्रमण सामने आए हैं, क्योंकि मानसून की बारिशों ने मच्छरों के प्रजनन को बढ़ावा दिया।
हालांकि मामलों की संख्या भयावह है, लेकिन मृत्यु दर में काफी कमी आई है। प्रारंभिक जांच और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का श्रेय इस सफलता को जाता है। स्वास्थ्य मंत्री ने निगरानी प्रणाली की तारीफ की, जो प्रभावित जिलों में त्वरित कार्रवाई संभव बनाती है।
विशेषज्ञ जलवायु परिवर्तन और शहरीकरण को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हैं। नागरिकों से जल संचय रोकने की अपील की जा रही है। सार्वजनिक जागरूकता अभियान तेज हो गए हैं, जिसमें कोल्ड फॉगिंग और मच्छर भगाने वाली दवाओं का उपयोग शामिल है।
अस्पताल डेंगू वार्ड तैयार रखे हैं। टीकाकरण और सफाई अभियान चल रहे हैं। अधिकारी आशावादी हैं कि मृत्यु दर की कमी के साथ स्थिति नियंत्रण में आ जाएगी।