
खून में शुगर का स्तर अचानक बढ़ जाना एक आम समस्या बन चुकी है, जो थकान, चक्कर और गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। डायबिटीज रोगियों से लेकर प्री-डायबिटीज वाले लोगों तक सभी इससे परेशान हैं। लेकिन चिंता न करें, विशेषज्ञों के सुझाए कुछ आसान तरीकों से इसे आसानी से काबू में किया जा सकता है।
सबसे पहले समझें कारण। अनियमित खान-पान, तनाव, डिहाइड्रेशन या भारी व्यायाम शुगर स्पाइक का सबब बनते हैं। रोजाना ग्लूकोमीटर से जांच करें और फाइबर युक्त आहार जैसे हरी सब्जियां, दालें व साबुत अनाज अपनाएं। इससे शुगर धीरे-धीरे अवशोषित होती है।
पानी पीना न भूलें। निर्जलीकरण शुगर को गाढ़ा कर देता है। दिनभर 3-4 लीटर पानी पिएं। दालचीनी या मेथी का पानी इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाता है, जैसा कि अध्ययनों में साबित हुआ है।
भोजन के बाद 20-30 मिनट टहलें। यह पोस्ट-प्रैंडियल शुगर को 25% तक कम कर सकता है। योग और प्राणायाम तनाव घटाकर हार्मोन संतुलित रखते हैं।
पर्याप्त नींद लें—रात में 7-8 घंटे। नींद की कमी कोर्टिसोल बढ़ाती है, जो शुगर स्पाइक का कारण है। लगातार समस्या हो तो डॉक्टर से मेटफॉर्मिन जैसी दवाओं पर सलाह लें।
इन आदतों से लाखों लोग शुगर को नियंत्रित कर चुके हैं। नियमित जांच और जीवनशैली बदलाव से आप भी स्वस्थ रह सकते हैं। आज से शुरू करें, कल बेहतर महसूस करेंगे।