
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोग घंटों कुर्सी पर बैठे रहते हैं। इससे थकान, वजन बढ़ना, जोड़ों का दर्द और गंभीर रोग आम हो गए हैं। लेकिन आयुर्वेद की प्राचीन विद्या इन समस्याओं का सरल समाधान देती है। जानिए कैसे रोजमर्रा के उपायों से आप स्वस्थ और फिट रह सकते हैं।
आयुर्वेद स्वस्थ्य को शरीर, मन और आत्मा के संतुलन पर टिकता है। लंबे समय तक बैठना वात दोष को बढ़ाता है, जो गति और रक्त संचार का कारक है। इससे पाचन कमजोर, चिंता, अनिद्रा और रोग प्रतिरोधक क्षमता घटती है। जिम या डाइट की जरूरत नहीं, प्रकृति आधारित दिनचर्या ही चमत्कार करती है।
सुबह जल्दी उठें। गुनगुने पानी में नींबू निचोड़कर पिएं। फिर अभ्यंग – तेल से मालिश। यह ऊतकों को पोषण देती और रक्त प्रवाह सुधारती है। गति के लिए सूर्य नमस्कार करें। भोजन में गर्म, पके हुए व्यंजन और अदरक, हल्दी का प्रयोग करें। अश्वगंधा और त्रिफला जैसी जड़ी-बूटियां ऊर्जा बनाए रखती हैं। निरंतरता महत्वपूर्ण है। आज से आयुर्वेद अपनाएं और स्वस्थ जीवन जिएं।