
भारतीय बाजारों में चांदी ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। कीमतें नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गईं और प्रति किलोग्राम लगभग 5,000 रुपये की शानदार तेजी दर्ज की गई। यह उछाल निवेशकों के लिए बड़ा संकेत है, जो वैश्विक कमोडिटी बाजार की मजबूती को दर्शाता है।
इस तेजी के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं। विश्व स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई की चिंताओं ने चांदी को सुरक्षित निवेश का दर्जा दिलाया। सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों में इसकी मांग बढ़ी है। भारत जैसे बड़े उपभोक्ता देश में एमसीएक्स फ्यूचर्स ने इस उछाल को और गति दी।
विश्लेषकों का कहना है कि डॉलर की कमजोरी और आपूर्ति श्रृंखला की समस्याओं ने कीमतों को परवान चढ़ाया। त्योहारों के सीजन से पहले ज्वेलरी और सिक्कों की मांग बढ़ रही है। हालांकि, तेज चढ़त के बाद सुधार की आशंका भी है।
निवेशक सतर्क रहें, क्योंकि अस्थिरता बनी हुई है। चांदी का यह रिकॉर्ड प्रदर्शन बाजार की दिशा तय करेगा। आने वाले दिनों में वैश्विक संकेतों पर नजर रहेगी।