
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव आम बात हो गई है। लेकिन शशांकासन नामक यह योग आसन न केवल आपके शरीर को डिटॉक्स करता है, बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करता है। खरगोश आसन के नाम से प्रसिद्ध यह मुद्रा प्राचीन हठ योग का हिस्सा है, जो सादगी में अपार शक्ति समेटे हुए है।
शशांकासन का अभ्यास करने से माथे को घुटनों पर टिकाने से पिट्यूटरी ग्रंथि सक्रिय होती है। यह हार्मोन संतुलन बनाए रखती है और कोर्टिसोल जैसे तनाव हार्मोन को कम करती है। नतीजा? गहरी विश्राम की अनुभूति और बेहतर नींद।
शरीर की सफाई के लिए यह आसन वरदान है। पेट के अंगों पर दबाव पड़ने से पाचन मजबूत होता है, विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं। रक्त संचार बढ़ने से पीठ दर्द, सिरदर्द जैसी परेशानियां दूर होती हैं।
अभ्यास कैसे करें? वज्रासन में बैठें, एड़ियां फैलाकर। गहरी सांस लें, फिर आगे झुकें। बाजु सीधी फैलाएं, माथा घुटनों के बीच रखें। ३० सेकंड से १ मिनट तक रहें। धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए वापस आएं।
सुबह खाली पेट या शाम को करें। साप्ताहिक ४-५ बार अभ्यास से चमत्कार दिखेगा। घुटने की समस्या वालों को चिकित्सक से सलाह लें।
शशांकासन अपनाकर स्वस्थ और शांत जीवन जिएं। यह योग आपका सच्चा साथी बनेगा।