
भारत के शेयर बाजार नियामक सेबी अनलिस्टेड शेयर बाजार को नया रूप देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस क्षेत्र में पारदर्शिता और निवेशक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़े सुधारों की घोषणा होने वाली है, जो निजी कंपनियों के शेयरों की खरीद-बिक्री को पूरी तरह बदल देंगे। अभी तक अनलिस्टेड शेयरों का कारोबार अनौपचारिक तरीकों से होता है, जिसमें मूल्यांकन में भारी अंतर, धोखाधड़ी का खतरा और खुदरा निवेशकों की सीमित पहुंच प्रमुख समस्याएं हैं। सेबी का नया ढांचा इन्हें दूर करने के लिए डिजाइन किया गया है। मुख्य बदलावों में अनलिस्टेड प्रतिभूतियों के लिए अनिवार्य इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म, कंपनियों के लिए सख्त प्रकटीकरण नियम और ब्रोकर्स के लिए मान्यता आवश्यकताएं शामिल हैं।