
भारतीय टेबल टेनिस में एक नया सवेरा आया है। तमिलनाडु के साथियान ज्ञानसेकरन ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़कर जोखिम भरा फैसला लिया और कॉमनवेल्थ गेम्स में देश को मिक्स्ड डबल्स में पहला स्वर्ण पदक दिलाया।
चेन्नई में साधारण परिवार में जन्मे साथियान ने बचपन से ही पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन किया। इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला मिला, लेकिन टेबल टेनिस उनका जुनून बन चुका था। स्थानीय क्लबों में कड़ी मेहनत करते हुए उन्होंने राष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया।
2018 से अंतरराष्ट्रीय पटल पर चमकते हुए, बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में मणिका बत्रा के साथ जोड़ी बनाई। क्वार्टरफाइनल से फाइनल तक शानदार प्रदर्शन कर इंग्लैंड को हराया। साथियान के सटीक शॉट्स और रणनीति ने सभी को प्रभावित किया।
यह जीत न केवल व्यक्तिगत है, बल्कि भारतीय टेबल टेनिस के लिए मील का पत्थर साबित हुई। परिवार को समर्पित यह पदक युवाओं को प्रेरित कर रहा है कि सपनों का पीछा करने से बड़ी सफलता मिलती है। ओलंपिक की तैयारी में जुटे साथियान भविष्य की उम्मीद हैं।