
मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने बीएमसी चुनाव परिणामों के बाद महाराष्ट्र की सियासत पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि शिंदे गुट के जीते हुए पार्षदों को होटल में रखे जाने के बावजूद भाजपा का मेयर कैसे बनेगा, यह कोई स्पष्ट नहीं कर पा रहा।
सोमवार को पत्रकारों से राउत ने कहा कि बीएमसी चुनाव में किसी दल को बहुमत नहीं मिला। ऐसे में भाजपा के मेयर बनने का दावा ‘पाठ्यक्रम से बाहर’ लगता है। यदि ऐसा कुछ होता भी है तो यह ‘बैसाखी’ पर टिका मेयर होगा, जिसकी सियासी साख तुरंत खत्म हो जाएगी।
राउत ने शिंदे के 20-25 पार्षदों के होटल जाने पर सवाल उठाए। ‘सहयोगी दलों को क्या संदेश? होटल के अन्य मेहमान कैदियों जैसा महसूस कर रहे। क्या महाराष्ट्र की राजनीति ऐसी छवि स्वीकार करेगी?’
भाजपा की सरकार होने के बावजूद पार्षदों को होटल में क्यों? ‘किस डर से? हमारे पार्षद मातोश्री आते हैं, खुलकर चर्चा करते हैं। इनका डर क्या है?’ राउत ने पूरी पारदर्शिता की मांग की।
महाराष्ट्र की जनता को इस डर की पूरी व्याख्या चाहिए। जैसे-जैसे गठबंधन की जद्दोजहद तेज हो रही, राउत के तंज मुंबई नगरपालिका के नेतृत्व की दिशा तय करेंगे।