
किगाली। वैश्विक निवेश के परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव आ रहा है। रवांडा गुजराती निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। इसके पीछे देश का अनुकूल व्यावसायिक वातावरण और स्थिर अर्थव्यवस्था है। भारत में रवांडा की राजदूत जैकलीन मुकांगीरा ने भारतीय मीडिया से बातचीत में इस बढ़ते आकर्षण को रेखांकित किया।
पूर्वी अफ्रीका का यह छोटा सा देश विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के लिए आदर्श माहौल तैयार कर चुका है। व्यवसाय पंजीकरण की प्रक्रिया महज कुछ घंटों में पूरी हो जाती है। कर छूट और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर विकास ने इसे आकर्षक बना दिया है। राजदूत मुकांगीरा ने बताया कि ये सुधार गुजराती व्यापारियों के उद्यमी स्वभाव से पूरी तरह मेल खाते हैं, जो हीरे, कपड़ा और रियल एस्टेट में माहिर हैं।
‘रवांडा का नवाचार और व्यापार केंद्र बनने का विजन गुजराती निवेशकों के लिए उभरते बाजारों में उच्च लाभ की तलाश से मेल खाता है,’ मुकांगीरा ने कहा। उन्होंने कृषि, प्रौद्योगिकी और आतिथ्य क्षेत्रों में सफल संयुक्त उद्यमों का जिक्र किया जहां गुजराती पूंजी ने पहले ही मजबूत पकड़ बना ली है।
सरकारी अभियान जैसे ‘मेड इन रवांडा’ और फ्री ट्रेड जोन निवेश को और प्रोत्साहित कर रहे हैं। रवांडा डेवलपमेंट बोर्ड के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले दो वर्षों में भारतीय निवेश में 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिसमें गुजरात अग्रणी है। यह न केवल पूंजी का प्रवाह है बल्कि प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और कौशल विकास भी है।
लॉजिस्टिक चुनौतियों का समाधान हवाई संपर्क और द्विपक्षीय व्यापार समझौतों से हो रहा है। भारत-रवांडा संबंध इंडिया-आफ्रिका फोरम समिट के तहत मजबूत हो रहे हैं। राजदूत ने आगामी किगाली निवेश मंच में भाग लेने का न्योता दिया। यह साझेदारी दर्शाती है कि कैसे नीतियां महाद्वीपों को जोड़ सकती हैं।