
ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने के उद्देश्य से ग्रामीण विकास मंत्रालय ने डाक विभाग के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने पर केंद्रित है, जो आर्थिक प्रगति में बाधक बने हुए थे।
1.3 लाख से अधिक डाकघरों के विशाल नेटवर्क का उपयोग करते हुए, यह पहल बचत खाते, बीमा और सूक्ष्म ऋण जैसी वित्तीय सुविधाओं को गांवों तक पहुंचाएगी। एमजीएनआरईГА मजदूरी भुगतान और पीएमआवास योजना लाभों के लिए अंतिम छोर की कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।
डिजिटल उपकरणों से लेन-देन की ट्रैकिंग संभव होगी, जो पारदर्शिता बढ़ाएगी। स्थानीय युवाओं के लिए लॉजिस्टिक्स प्रबंधन और वित्तीय साक्षरता में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘डाकघर ग्रामीणों के विश्वसनीय केंद्र हैं।’
डिजिटल इंडिया के अनुरूप आधार-सक्षम भुगतान और ई-कॉमर्स सुविधाएं शुरू होंगी। चयनित जिलों में पायलट प्रोजेक्ट्स के बाद पूर्ण रूप से लागू होगा। यह ‘सबका साथ, सबका विकास’ की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।