
लखनऊ। राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की सराहना की। उन्होंने रायबरेली दौरे, रक्षा नीतियों, जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं तथा मनरेगा के नाम परिवर्तन पर विस्तार से बात की। तिवारी ने कहा कि राहुल गांधी आज लखनऊ विमानपत्तन पर उतरेंगे और उसके बाद रायबरेली के दो दिवसीय प्रवास पर रवाना हो जाएंगे।
इस यात्रा में वे स्थानीय जनता व कार्यकर्ताओं से भेंट करेंगे, क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे तथा विकास योजनाओं की प्रगति का जायजा लेंगे। तिवारी ने जोर देकर कहा, ‘राहुल गांधी सदैव अपने निर्वाचन क्षेत्र को प्राथमिकता देते हैं तथा सांसद के रूप में सभी दायित्व निभाते हैं।’
रक्षा क्षेत्र पर टिप्पणी करते हुए तिवारी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आत्मनिर्भरता वाले बयान का उल्लेख किया। उन्होंने स्वीकार किया कि पहले सार्वजनिक क्षेत्र प्रमुख था, अब निजी कंपनियां सक्रिय हैं। लेकिन सरकार चीन व पाकिस्तान का नाम लिए बिना खतरे बता रही है, जबकि गलवान में चीन दोषी है।
नेहरू से इंदिरा, राजीव, नरसिंह राव व वाजपेयी तक सभी ने सेना को मजबूत किया। जेकेएस में चिंता बढ़ी है, जहां इस साल पहली बड़ी मुठभेड़ में आठ जवान घायल हुए, तीन को हेलीकॉप्टर से ले जाया गया। तिवारी ने इसे लज्जास्पद बताया।
पीएम के नोटबंदी से आतंकवाद समाप्त होने के दावों को खारिज करते हुए उन्होंने पहलगाम जैसे स्थानों पर हमलों का जिक्र किया। ‘सैनिक असुरक्षित तो नागरिक व सैलानी कैसे सुरक्षित?’ उन्होंने कश्मीर में सुरक्षा सुदृढ़ीकरण की मांग की।
मनरेगा नाम बदलाव पर राहुल के विचारों का समर्थन करते हुए तिवारी ने श्रमिक अधिकारों पर हमला बताया। यह भाजपा की गांधी-विरोधी मानसिकता है। पहले काम व मजदूरी की गारंटी से करोड़ों का रोजगार मिला। नई योजना भूमिहीनों के साथ छल है।
नोएडा में गड्ढे में गिरे 27 वर्षीय युवक की मौत को तिवारी ने प्रशासनिक नाकामी कहा। शिकायतें थीं, संकेत हटे थे, फिर भी उदासीनता। युवक पिता को पुकारता रहा, लेकिन व्यवस्था ने नहीं बचाया।