
आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने क्विक डिलीवरी सेवाओं पर तीखा प्रहार करते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में उन्होंने 10 मिनट डिलीवरी के नाम पर डिलीवरी ब्वॉयज द्वारा उठाए जा रहे दबाव, जोखिमों और चुनौतियों को खुद देखने का दावा किया है।
वीडियो में दिल्ली की भयानक ट्रैफिक और खतरनाक रास्तों पर डिलीवरी एजेंट्स की जानलेवा भागदौड़ साफ दिखाई दे रही है। चड्ढा ने कैप्शन में लिखा, ‘खुद प्रेशर, रिस्क और चुनौतियों को देखा।’
ज़ेप्टो, ब्लिंकिट जैसी कंपनियों की तेज डिलीवरी का क्रेज बढ़ रहा है, लेकिन हादसों की खबरें भी सामने आ रही हैं। चड्ढा ने उपभोक्ता सुविधा के नाम पर मजदूरों की जिंदगी दांव पर लगाने का आरोप लगाया।
उन्होंने सरकार से सख्त नियम और डिलीवरी वर्कर्स के लिए बेहतर सुरक्षा की मांग की। वीडियो वायरल होते ही बहस छिड़ गई है। लोग चड्ढा की हिम्मत की तारीफ कर रहे हैं तो कुछ इसे राजनीति बता रहे हैं।
यह मुद्दा गिग इकॉनमी के भविष्य पर सवाल उठाता है। क्या तेज डिलीवरी की होड़ में जिंदगियां दांव पर लगती रहेंगी?