
भारतीय शेयर बाजार अगले हफ्ते अहम मोड़ पर है। तिमाही नतीजे, व्यापारिक समझौतों की प्रगति और आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी सबकी नजर। इन कारकों से तय होगा कि निफ्टी और सेंसेक्स किस दिशा में बढ़ेंगे।
आईटी, बैंकिंग और एफएमसीजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियां अपने क्वार्टरली रिजल्ट जारी करेंगी। विश्लेषकों का मानना है कि मुनाफे में तेजी आएगी, लेकिन कच्चे माल की महंगाई से कुछ कंपनियों पर दबाव बनेगा।
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में सकारात्मक संकेत बाजार को बल दे सकते हैं। खासकर निर्यात पर निर्भर क्षेत्रों को फायदा होगा। वहीं, देरी से रुपया और शेयरों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
जीडीपी, महंगाई दर और मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई जैसे आंकड़े अर्थव्यवस्था की ताकत दिखाएंगे। नरम महंगाई से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें बढ़ेंगी।
विशेषज्ञ सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। वैश्विक संकेतों के साथ घरेलू बाजार में विविधीकरण जरूरी है। यह सप्ताह बाजार की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।