
भारत सरकार ने कौशल विकास के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए पीएम-सेतु योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत देशभर के 1000 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को उद्योग की मांग के अनुरूप बेहतरीन प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के योग्य बनाना है।
युवा बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे देश में यह योजना वरदान साबित होगी। योजना में 5000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट निर्धारित किया गया है। प्रत्येक आईटीआई में अत्याधुनिक मशीनें, डिजिटल लैब और उद्योग-आधारित पाठ्यक्रम विकसित किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉन्च समारोह में कहा, ‘हमारे युवा देश का भविष्य हैं। पीएम-सेतु उन्हें न केवल प्रशिक्षित करेगा बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा।’ पहले चरण में 300 आईटीआई का चयनित अपग्रेड किया जाएगा।
उद्योग जगत ने योजना का स्वागत किया है। टाटा, रिलायंस जैसी कंपनियां प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए साझेदारी करेंगी। इससे विद्यार्थियों को अप्रेंटिसशिप और प्लेसमेंट के अवसर प्राप्त होंगे।
महिलाओं और ग्रामीण युवाओं के लिए विशेष कोटा, स्कॉलरशिप और हॉस्टल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। योजना का निगरानी राष्ट्रीय डैशबोर्ड से होगी, जो नामांकन से लेकर रोजगार दर तक की प्रगति पर नजर रखेगा।
पायलट प्रोजेक्ट में प्लेसमेंट दर में 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यदि योजना सफल रही तो प्रतिवर्ष लाखों युवाओं को कुशल बनाया जा सकेगा, जो आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करेगा। यह न केवल बेरोजगारी घटाएगी बल्कि अर्थव्यवस्था को नई गति भी देगी।