
भारत की इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति को नई गति मिली है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने खुलासा किया कि पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान 3,000 से ज्यादा महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कड़ी नजर रख रहा है। यह पहल सड़क, रेल, हवाई अड्डे और बंदरगाहों के बीच बहु-मोडल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए शुरू की गई थी।
उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में बोलते हुए गोयल ने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म ने परियोजना नियोजन और क्रियान्वयन में क्रांति ला दी है। रीयल-टाइम डेटा और मल्टी-लेयर विजिबिलिटी से मंत्रालयों के बीच की दीवारें ढह गई हैं। देरी और अतिरिक्त खर्च कम हो गए हैं। ‘यह सिर्फ निगरानी नहीं, विकास की गति तेज करने वाला उपकरण है,’ गोयल ने कहा।
निगरानी में हाईवे नेटवर्क, हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और जलमार्ग शामिल हैं। उन्होंने उन सफलताओं का जिक्र किया जहां दोहराव टल गया और अरबों रुपये की बचत हुई। 1,400 से अधिक डेटा लेयर्स के एकीकरण से सटीक नियोजन संभव हुआ है।
निवेश आकर्षित करने में यह योजना अहम है। अंतरराष्ट्रीय साझेदार पारदर्शी ढांचे से प्रभावित हैं। 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य में पीएम गति शक्ति आधार स्तंभ बनी हुई है।
भविष्य में और परियोजनाएं शामिल होंगी। एआई और जीआईएस जैसी तकनीकों से निगरानी मजबूत होगी। यह सतर्कता देशहित में विकास को गति देगी।