
बॉलीवुड के स्वर्णिम दौर में परवीन बॉबी का नाम ग्लैमर का पर्याय था। 70-80 के दशक में उनकी खूबसूरती और अंदाज ने लाखों दिलों पर राज किया। लेकिन अमिताभ बच्चन के साथ उनकी जोड़ी ने उन्हें अमर बना दिया। ‘अमर अकबर एंथोनी’ से ‘नमक हलाल’ तक, हर फिल्म में उनका रोमांस दर्शकों को बांध लेता था।
4 अप्रैल 1949 को गुजरात के जूनागढ़ में जन्मीं परवीन का बचपन लाड़-प्यार भरा था। पिता वली मोहम्मद के देहांत के बाद मां जमाल बख्ते ने अहमदाबाद में उनकी परवरिश की। पढ़ाई में अव्वल रहीं परवीन ने इंग्लिश लिटरेचर में स्नातक किया।
1973 में ‘चरित्र’ से डेब्यू किया, जहां सलीम दुर्रानी उनके हीरो थे। फिल्म फ्लॉप हुई, मगर परवीन की तारीफें हुईं। ‘मजबूर’ ने करियर बदला।
अमिताभ संग आठ फिल्में: ‘अमर अकबर एंथोनी’ की कॉमेडी, ‘नमक हलाल’ के गाने, ‘काला पत्थर’ का ड्रामा—सब हिट। 1976 में टाइम मैगजीन कवर पर छाईं। 100 से ज्यादा फिल्में कीं।
निजी जीवन में डैनी, कबीर संग चर्चाएं रहीं। 1983 में इंडस्ट्री छोड़ी, अमेरिका गईं। 20 जनवरी 2005 को मुंबई में निधन, तीन दिन बाद शव मिला। परवीन की यादें आज भी ताजा हैं।