
पाकिस्तान भोजन असुरक्षा के गंभीर संकट से जूझ रहा है, जो जन स्वास्थ्य और उसकी नाजुक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बन गया है। हालिया रिपोर्टों से पता चलता है कि लाखों नागरिक पौष्टिक भोजन प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिससे कुपोषण की दरें बढ़ रही हैं। इस संकट की जड़ में 2022 की विनाशकारी बाढ़ और आसमान छूती महंगाई है। जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि पांच वर्ष से कम आयु के लगभग 40 प्रतिशत बच्चों में स्टंटिंग की समस्या है। आर्थिक मोर्चे पर कृषि नुकसान ने जीडीपी को भारी चोट पहुंचाई है, जिससे करोड़ों लोगों की जीविका प्रभावित हुई है।