
पाकिस्तानी मूल के एक क्रिकेटर ने भारत द्वारा वीजा अस्वीकार करने का दावा किया था, लेकिन यह पूरी तरह गलत साबित हुआ है। वास्तव में, उनका वीजा आवेदन केवल प्रक्रिया में देरी का शिकार है, अस्वीकृति का कोई सवाल ही नहीं।
क्रिकेटर ने सोशल मीडिया पर अपनी शिकायत दर्ज की, जिससे हंगामा मच गया। पाकिस्तानी प्रशंसकों में आक्रोश फैल गया और राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई। लेकिन भारतीय अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट कर दी।
पाकिस्तान से आने वाले यात्रियों के वीजा की जांच सख्त होती है। सुरक्षा कारणों से इसमें समय लगता है। इस मामले में दस्तावेजों की जांच चल रही है और जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
पहले भी कई पाकिस्तानी खिलाड़ियों को इसी तरह देरी का सामना करना पड़ा, लेकिन अंत में वे आईपीएल जैसे टूर्नामेंट में खेल सके। क्रिकेटर का जल्दबाजी में बयान शायद ध्यान खींचने का प्रयास था।
भारत-पाकिस्तान संबंधों के बीच क्रिकेट एक पुल का काम करता है। ऐसी गलत सूचनाएं नुकसान पहुंचाती हैं। अधिकारियों ने धैर्य बरतने की सलाह दी है।
यह घटना फेक न्यूज के खतरे को रेखांकित करती है। उम्मीद है कि खिलाड़ी जल्द मैदान पर नजर आएंगे।