
पाकिस्तान के व्यापार जगत को बड़ा झटका लगा है। देश का सबसे सस्ता और सुगम जमीनी व्यापार मार्ग अब बंद हो चुका है। यह मार्ग जो सीमापार व्यापार की रीढ़ था, अब व्यापारियों के लिए मुश्किलों का पहाड़ खड़ा कर रहा है।
माल ढुलाई के खर्चे आसमान छू रहे हैं, विलंब बढ़ गया है और व्यवसायिक गतिविधियां ठप्प हो रही हैं। लाहौर से कराची तक के व्यापारी परेशान हैं। एक अनुभवी व्यापारी ने कहा, ‘यह रास्ता हमारा मुख्य आधार था, अब दोगुना खर्च और आधी गति।’
वैकल्पिक रास्तों में पहाड़ी इलाके, सख्त चेकिंग और राजनीतिक तनाव जैसी बाधाएं हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि लागत 40-50 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। छोटे उद्योग जो पहले से महंगाई से जूझ रहे हैं, वे सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।
सरकार द्विपक्षीय वार्ता और बुनियादी ढांचे के विकास पर विचार कर रही है, लेकिन समाधान दूर दिखाई नहीं दे रहे। वैश्विक व्यापार में एकल मार्ग पर निर्भरता की कमजोरी उजागर हुई है। विविधीकरण अब अनिवार्य हो गया है। व्यापारिक हितधारक नए रास्ते की प्रतीक्षा में चिंतित हैं।