
ओडिशा सरकार ने वेदांता समूह की सहायक कंपनी ईएसएल स्टील लिमिटेड को 1,255.38 करोड़ रुपये का डिमांड नोटिस जारी कर एक बड़ा कदम उठाया है। यह कार्रवाई राज्य के औद्योगिक क्षेत्र में अनुपालन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
नोटिस में कर बकाया, शुल्क और अन्य वैधानिक दायित्व शामिल हैं जो कई वर्षों से लंबित हैं। जाजपुर स्थित ईएसएल स्टील की इकाई स्टील उत्पादन में प्रमुख भूमिका निभाती है, लेकिन नियामक चुनौतियों का सामना कर रही है। राज्य सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कोई भी कंपनी बकाया छोड़कर नहीं बच सकती।
वेदांता ने ओडिशा में भारी निवेश किया है, लेकिन खनन पट्टों और पर्यावरण मंजूरी जैसे मुद्दों पर विवाद रहा है। यह नोटिस कंपनी के वित्तीय प्लान को प्रभावित कर सकता है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कानूनी लड़ाई छिड़ सकती है।
राज्य के राजस्व विभाग ने कहा कि यह अभियान सभी डिफॉल्टरों पर कसा जा रहा है। ओडिशा खनिज संसाधनों से समृद्ध राज्य है और अपनी आय बढ़ाने के लिए सख्ती बरत रहा है। ईएसएल स्टील की प्रतिक्रिया का इंतजार है, जो इस मामले की दिशा तय करेगी।
यह घटना न केवल वेदांता बल्कि पूरे स्टील उद्योग के लिए सबक है। ओडिशा का यह रुख अन्य राज्यों के लिए उदाहरण बन सकता है।