
आयुर्वेद की गोद से निकला नागरमोथा यानी साइपरस रोटंडस, एक ऐसा जड़ी-बूटी है जो पाचन तंत्र से लेकर महिलाओं के स्वास्थ्य तक हर मोर्चे पर आपकी रक्षा करता है। प्राचीन ग्रंथों से लेकर आधुनिक शोध तक, इसकी उपयोगिता सिद्ध हो चुकी है। आइए जानें इसके गजब के गुणों को विस्तार से।
पाचन संबंधी परेशानियों में नागरमोथा रामबाण है। यह गैस, अपच और कब्ज को जड़ से दूर भगाता है। इसके तेल पेट की मांसपेशियों को शिथिल कर सुचारू संचालन सुनिश्चित करते हैं। शोध बताते हैं कि यह अल्सर और आईबीएस में भी असरदार साबित होता है।
महिलाओं के लिए तो यह वरदान स्वरूप है। मासिक धर्म की अनियमितता, दर्द और अत्यधिक रक्तस्राव को नियंत्रित करता है। पीसीओएस और मेनोपॉज के लक्षणों में राहत देता है। इसके फाइटोएस्ट्रोजेन हार्मोन संतुलन बनाए रखते हैं।
मधुमेह रोगियों के लिए ब्लड शुगर कंट्रोल करने वाला, त्वचा को साफ करने वाला और वजन घटाने में सहायक। इसके एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं। लीवर को detoxify कर मजबूत बनाता है।
उपयोग सरल: चाय, चूर्ण या तेल के रूप में। गर्भवती महिलाएं चिकित्सक सलाह लें। प्रतिदिन 3-5 ग्राम पर्याप्त।
नागरमोथा प्रकृति का अनमोल उपहार है। इसे अपनाएं और स्वस्थ जीवन जिएं।