
देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का आईपीओ जल्द लॉन्च होने वाला है। सूत्रों के अनुसार सेबी इस महीने नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) जारी कर सकता है। यह मंजूरी आने के बाद एनएसई का पब्लिक इश्यू मार्केट में धमाल मचा सकता है।
एनएसई ने 2016 में ही अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) दाखिल किया था। को-लोकेशन विवाद, गवर्नेंस मुद्दों और नियामकीय जांचों के कारण प्रक्रिया लंबी खिंच गई। लेकिन अब सभी बाधाएं दूर हो चुकी हैं।
एनएसई भारत के इक्विटी ट्रेडिंग का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा संभालता है। वित्तीय वर्ष 2023 में इसकी आय 12,000 करोड़ रुपये और लाभ 7,000 करोड़ से अधिक रहा। आईपीओ में प्रमोटर्स की ओर से ऑफर फॉर सेल और फ्रेश शेयर्स का मिश्रण होगा।
निवेशक उत्साहित हैं। ‘यह आईपीओ ऐतिहासिक होगा, जिसकी वैल्यूएशन 20 अरब डॉलर पार कर सकती है,’ एक निवेश बैंकिंग विशेषज्ञ ने कहा। रिटेल निवेशकों के लिए एनएसई में हिस्सेदारी लेना सुनहरा अवसर होगा।
आईपीओ का आकार और प्राइस बैंड अभी तय नहीं है, लेकिन विश्लेषकों का अनुमान है कि यह हाल के बड़े इश्यूज को पीछे छोड़ देगा। सेबी की मंजूरी के बाद 21 दिनों का कूलिंग पीरियड होगा, फिर प्रॉस्पेक्टस जारी होगा। बाजार के जानकारों का मानना है कि यह आईपीओ जबरदस्त सब्सक्रिप्शन देखेगा।
एनएसई की मजबूत टेक्नोलॉजी और विविध उत्पाद—इक्विटी डेरिवेटिव्स से लेकर डेट मार्केट तक—इसे अपरिहार्य बनाते हैं। पब्लिक लिस्टिंग से कंपनी को वैश्विक पहचान और विस्तार का मौका मिलेगा। इस महीने सेबी का फैसला सभी की नजरें बर्बत कर रहा है।