
राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के लंबे इंतजार वाले आईपीओ को लेकर सेबी के ताजा अपडेट ने बाजार में हलचल मचा दी है। एनएसई के सीईओ आशीष चौहान ने इसे तिरुपति बालाजी के दर्शन के समान ‘शुभ संकेत’ करार दिया है।
सेबी ने एक्सचेंज की डिम्यूचुअलाइजेशन प्रक्रिया और शेयरहोल्डिंग संरचना पर महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया। इससे दो साल से लंबित ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) को हरी झंडी मिलने की उम्मीद जगी है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में चौहान ने कहा, ‘यह वैसा ही शुभ संकेत है जैसा तिरुपति दर्शन। भगवान वेंकटेश्वर की कृपा से हमारा आईपीओ सफर सफल होगा।’ उनका यह बयान कारोबारी दुनिया में आध्यात्मिक भावना को दर्शाता है।
एनएसई का आईपीओ 10,000 करोड़ रुपये से अधिक जुटा सकता है, जो इसे भारत का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बना देगा। एक्सचेंज का मूल्यांकन 25 अरब डॉलर के आसपास हो सकता है। खुदरा और संस्थागत निवेशकों की भारी भागीदारी की संभावना है।
विश्लेषकों का मानना है कि सेबी का अपडेट नियामकीय बाधाओं को दूर करता है। ‘अब एनएसई तेजी से तैयारी कर सकता है,’ कहते हैं ब्रोकरेज फर्म के प्रमुख। बाजार में सकारात्मक माहौल है।
चौहान के नेतृत्व में एनएसई ने डेरिवेटिव्स और ईएसजी प्रोडक्ट्स में विस्तार किया। आईपीओ से मिले फंड से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कदम रखा जा सकता है। 2025 तक लिस्टिंग की उम्मीदें प्रबल हैं।