
भारत के ऊर्जा बाजार में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और इंडियन गैस एक्सचेंज (आईजीएक्स) ने भारतीय प्राकृतिक गैस फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट शुरू करने की घोषणा की है। यह साझेदारी प्राकृतिक गैस व्यापार को नई गहराई प्रदान करेगी और बाजार सहभागियों को मूल्य खोज तथा जोखिम प्रबंधन का मजबूत मंच उपलब्ध कराएगी।
एनएसई के उन्नत व्यापार मंच पर सूचीबद्ध यह कॉन्ट्रैक्ट आईजीएक्स की गैस बाजार विशेषज्ञता से समर्थित होगा। प्राकृतिक गैस, जिसे भविष्य का ईंधन कहा जाता है, भारत की ऊर्जा संक्रमण यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सरकार 2030 तक ऊर्जा मिश्रण में इसकी हिस्सेदारी 15 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखे हुए है।
वर्तमान में भारत अपनी 50 प्रतिशत से अधिक प्राकृतिक गैस जरूरतें आयात करता है, जिससे वैश्विक मूल्य उतार-चढ़ाव एक बड़ी चुनौती बन गया है। उर्वरक, बिजली और सिटी गैस वितरण जैसे उद्योगों के लिए यह कॉन्ट्रैक्ट वरदान साबित होगा। अनुबंध की विशेषताएं घरेलू बाजार की वास्तविकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं।
मानक डिलीवरी इकाइयों पर आधारित लॉट साइज, दैनिक सेटलमेंट और भौतिक डिलीवरी विकल्प इसे आकर्षक बनाते हैं। एसईबीआई और पीएनजीआरबी की निगरानी में यह कॉन्ट्रैक्ट पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा। बाजार विशेषज्ञ इसे तेल और धातु फ्यूचर्स की सफलता की तर्ज पर गेम-चेंजर बता रहे हैं।
प्रारंभिक सत्र में रिफाइनरियों और पाइपलाइन ऑपरेटरों से मजबूत रुचि दिख रही है। यह साझेदारी न केवल ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करेगी बल्कि भारतीय बाजारों को वैश्विक पटल पर स्थापित भी करेगी। प्राकृतिक गैस व्यापार में प्रतिस्पर्धा और दक्षता बढ़ाने की दिशा में यह मील का पत्थर साबित होगा।