
भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में एक ऐतिहासिक क्षण आने वाला है। असम डाउन टाउन यूनिवर्सिटी (एडीबीयू) अपना पहला नैनो सैटेलाइट ‘लाचित-1’ लॉन्च करने जा रही है, जो इस क्षेत्र की पहली शैक्षिक संस्थान की अंतरिक्ष यात्रा होगी।
17वीं शताब्दी के प्रसिद्ध अहोम सेनापति लाचित बोरफुकन के नाम पर रखा गया यह सैटेलाइट क्षेत्रीय गौरव का प्रतीक है। एडीबीयू के छात्रों और शिक्षकों द्वारा विकसित यह सैटेलाइट वायुमंडलीय और पर्यावरणीय अनुसंधान करेगा।
स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी सेंटर के नेतृत्व में बने लाचित-1 का वजन करीब 2 किलोग्राम है। इसमें वायु गुणवत्ता, ग्रीनहाउस गैसों और आयनमंडलीय डेटा मापने वाले पेलोड हैं, जो उत्तर-पूर्व के जैव विविधता क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं।
इसरो के पीएसएलवी रॉकेट से श्रीहरिकोटा से लॉन्च होगा यह सैटेलाइट, जो 500 किमी ऊंचाई पर चक्कर लगाएगा। एक साल के मिशन में यह डेटा ग्राउंड स्टेशन को भेजेगा, जिसमें गुवाहाटी का एडीबीयू स्टेशन शामिल है।
उप-रेक्टर डॉ. अशिम दutta ने कहा, ‘लाचित-1 हमारी युवा पीढ़ी की क्षमता का प्रमाण है।’ असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इसे असमिया गर्व का क्षण बताया। यह लॉन्च उत्तर-पूर्व को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में आगे लाएगा।
भारत के गगनयान जैसे मिशनों के बीच एडीबीयू का योगदान शिक्षा और तकनीक के माध्यम से भौगोलिक दूरी को पाटने का उदाहरण है। लाचित-1 की सफलता से क्षेत्र में और अधिक स्पेस प्रोजेक्ट्स को बल मिलेगा।