
नोएडा के सेक्टर-150 में एक युवा इंजीनियर की कार के पानी से भरे गड्ढे में गिरने से हुई दर्दनाक मौत ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस हादसे पर त्वरित और सख्त कदम उठाते हुए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को पद से हटा दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं इस मामले को संज्ञान में लेते हुए विशेष जांच टीम का गठन कर दिया।
रात के अंधेरे और भारी जलभराव के बीच सड़क पर बने गहरे गड्ढे ने इंजीनियर की जिंदगी छीन ली। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में लंबे समय से सड़कें टूटी-फूटी हैं और जल निकासी की व्यवस्था नाममात्र की है। शिकायतों के बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया गया।
परिजनों और ग्रामीणों में गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने प्राधिकरण पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। सीएम के निर्देश पर एडीजी जोन मेरठ के नेतृत्व में बनी एसआईटी में मंडलायुक्त मेरठ और मुख्य अभियंता भी शामिल हैं।
टीम को पांच दिनों में रिपोर्ट सौंपनी है, जिसमें सड़क की जिम्मेदारी, जलभराव की जानकारी होने पर सुधार न करने और दोषी अधिकारियों की पहचान पर जोर होगा। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तय है।
सूत्र बताते हैं कि योगी आदित्यनाथ घटनास्थल का दौरा कर सकते हैं और पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिलाएंगे। यह घटना शहरी विकास में लापरवाहियों को उजागर करती है।